अभिषेक बनर्जी पर हुए हमला के बाद ममता बोलीं – हेलमेट नहीं होता तो जा सकती थी जान

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर दक्षिण में टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। अभिषेक बनर्जी 30 मई को चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित टीएमसी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनको घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।

टीएमसी का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी पर अंडे, जूते और पत्थर फेंके तथा उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

घटना के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि अभिषेक हेलमेट नहीं पहने होते तो उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के बाद अभिषेक को तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं मिली और अस्पताल में भर्ती कराने के लिए अधिकारियों की अनुमति का इंतजार करना पड़ा।

वहीं अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में टीएमसी के खिलाफ जनता में नाराजगी और आक्रोश मौजूद है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। अब इस मामले ने राज्य की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है।

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